तुम्हारी रचनाये दिल की अथाह गहराइयो से निकलकर आती है
कोमल कृतक अंजान मनोहर के दिल पे छाप छोड जाती है
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Thursday, 29 October 2015
रचनाये महबूब
रचनाये महबूब
तुम्हारी रचनाये दिल की अथाह गहराइयो से निकलकर आती है
कोमल कृतक अंजान मनोहर के दिल पे छाप छोड जाती है
करवा चौथ
तेरे हाथो की मेहदी की महक दिल को खुशियो से सराबोर करती है
तेरे दिल की हरेक उमंग अमृत सागर की मादक लहरो मे मचलती है
Wednesday, 7 October 2015
Alfaaz
Bahut khubsurat lajawab aur niralee hai aapki lafzo ko sahajane ki ada. Shukrana tahedil se yaar tera karate hai aur alfazo me karate didaare yaar. Saahitya kee jarurat hai tu aur kudarat Ka anupam karaar. Maadaq baasantee bayaar palaash Ka pushpahaar amritsagar ki anupam lahare mere yar..
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई