Friday, 2 December 2016

यु अश्क ना बहाया ना करो

यु अश्क ना बहाया ना करो

यु अश्क ना बहाया ना करो दिल के जख्म हरे हो जाते है
यु ख्वाबो मे ना आया करो दिल के सोये अरमां मचल जाते है
तुम्हारी जिद दर्दे दिल बढाती है जिन्दगी गम के दरिया म तब्दीले हो जाती है

तुम्हारे अश्क दिल पे वार करते है
कसम तुम्हारी दिल को तार तार हैं

तुम्हारे सैलाभे अश्क़ में गर मैं डूब जाऊँगा
तुम्ही बाताओ सनम कैसे तुमको मई पाऊंगा

अपने इन अश्कों को युही नाहक़ जाया न करो
अपने इन अश्कों को महफूज़ रखो ज़ाया न करो

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव