Thursday, 29 November 2012

माइन कम्फ (मेरा संघर्ष )

माइन कम्फ (मेरा संघर्ष )

इतिहास के महानायक को

याद मै नहीं करता

सारा जहां सारा विश्व

सारे ड्च्लैंड का तुम्हे नमन

तुम्हे

एक जन्म हिंदुस्तान में लेकर

मेरे मुल्क को बचा लो

आज मेरे अन्दर मेरे जिस्म एक पल को

आजाओ मेरे मुल्क को

सही मायनों में आजादी दिला जाओ

आज मेरी बेटी ने जब मुझे

हिटलर पुकारा

मेरे दिल ने मुझे झजकोर डाला

क्या वाइक मेरा आदर्श इतना महान था

25 सो साल के बाद मेरी आखों

से बह निकली

गंगा जमुना

मै जान गया पहचान गया

उस महानायक को

मुल्क की शान को

नमन

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव