Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Monday, 24 December 2012
मुक्तक
१
चादनी रात हो कृती मेरे साथ हो
मधुर गीत गुनगुनाते हुए ,
मै अपनी राह पे बढ जाउगा
मै हद से गुजर जाउगा
२
मेरे दिल ने जो चाहा है
कर जाऊगा ,मै आज हद से गुजर जाऊगा
प्यार तुम्हे करता हू दिलो जान से
अपने इमान से मै तुम्हे पाउंगा
३
,मै आज हद से गुजर जाऊगा
चाहे मुझे जान ही क्यो न गावांनी पडे
दिल मे जो मैने सोचा है
कर जाउंगा ,मै आज हद से गुजर जाऊगा
४
मेरा प्यार पावन है गंगा जल कि तरह
इसलिये मै तुम्हे अवश्य ही पाऊंगा
दिल के अपनी आरजू पुरी कर जाउंगा
,मै आज हद से गुजर जाऊगा
आपकी आँखे बहुत बोलती है ,
आपका राजे दिल खोलती है ,
कहती है हमें तुमसे प्यार है ,
तुमसे मिलने को जिया बेकरार है ,
तुम्हारे प्यार में जानम जीना हुआ दुश्वार है ,
ए जालिम फौजी बस तेरा ही तो इन्तजार है ,
बेदर्दी अब तो आ जाओ मेरे नैनो की प्यास बुझा जाओ ,
आँखों के रास्ते मेरे दिल में समां जाओ ,
आपकी आँखों में हमारे लिए क्या है
मेरे मुल्क के सरहद की निगेबान है आँखे
Sunday, 23 December 2012
oh lion my lion
oh lion my lion
oh lion my lion
roars in the night
sleep in the den in the day
sometimes in horizontal
often in vertical
always put tail between thighs
how the length from nose to end of the
tail can be measured
oh lion oh my encyclopedia
oh encyclopedia of army
the dictionary of CEA
OH LION OH MY LION
OH KING OF DOMESTIC LION
TO MUCH TO SAY LION OF CIRCUS
please allow me to say something
why do say no to office
why do you stand 100 miles away
from green table
but why do not you say
no to alcohol
oh lion oh my lion
oh my bluff master
you are always in danger circle
your own position can be found out
by local details
oh lion my lion
oh my tragedy king dilip kumar
when will you take your retirement
dilip is taking his last breath
remember it
Saturday, 22 December 2012
दिल दिल का डर है भगाती हाला ,चूहे को भी शेर बनाती !
दिल दिल का डर है भगाती हाला ,चूहे को भी शेर बनाती !
501
जब हाला है अन्दर जाती ,
सच को को ढूंढ़ के बाहर लाती !
सत्य जहाँ है बोला जाता ,
वह तीर्थ स्थान है पावन मधुशाला !
502
लाख छुपाओ छुपाओं ,छुप नहीं नहीं पाता ,
हाला से डरकर बाहर आता !
कीन्कांग भी शेर हो जाता
जब हाला का पैग है अन्दर जाता !!
503
दिल दिल का डर है भगाती हाला ,
चूहे को भी शेर बनाती !
दो पैग जब अन्दर जाते ,
मच्छर सिह भी शेरसिह बनजाते !!
504
दिलों के दू:ख को हरलेती
निश्चिंत बनाती सुमधुर हाला !
खुशियों में चार चाँद लगाती ,
दोस्त बनाती मधुशाला !!
505
सांझ ढले जब घर आता ,
थकान मिटाती पावन हाला !
सांझ ढले जब डगर पे चलता ,
जा मिलती वह मधुशाला !!
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
