Tuesday, 25 December 2012


તેરે હસીન લાંબો સે સે   છલકાતા છાલક તા જામ પી રહ હું મીમૈ   


मैखाने को अपना दर बना लिया मैंने 

साकीबाला मस्त हो गई 


सुबह सबेरे आई सुरबाला 


नित्य सुबह सुरबाये आती 


খুব পিও তুম সাগরময় হালা खूब पियो तुम अमृत हाला


एक बार नज़रों को थोडा 

झुका लो 


नजारों  ही नज़र  उनसे जब मिली नज़र हमारी 


आखिर क्यों  2

 आखिर क्यों नारी इतनी सताई जाती है 


आखिर क्यों नारी इतनी सताई जाती है -2


अब तो आजा मोरे बांके सांवरिया 


Monday, 24 December 2012

मुक्तक



चादनी रात हो कृती मेरे साथ हो

मधुर गीत गुनगुनाते हुए ,

मै अपनी राह पे बढ जाउगा

मै हद से गुजर जाउगा

मेरे दिल ने जो चाहा है

कर जाऊगा ,मै आज हद से गुजर जाऊगा

प्यार तुम्हे करता हू दिलो जान से

अपने इमान से मै तुम्हे पाउंगा


,मै आज हद से गुजर जाऊगा

चाहे मुझे जान ही क्यो न गावांनी पडे

दिल मे जो मैने सोचा है

कर जाउंगा ,मै आज हद से गुजर जाऊगा

मेरा प्यार पावन है गंगा जल कि तरह

इसलिये मै तुम्हे अवश्य ही पाऊंगा

दिल के अपनी आरजू पुरी कर जाउंगा

,मै आज हद से गुजर जाऊगा

आपकी आँखे बहुत बोलती है ,

आपका राजे दिल खोलती है ,

कहती है हमें तुमसे प्यार है ,

तुमसे मिलने को जिया बेकरार है ,

तुम्हारे प्यार में जानम जीना हुआ दुश्वार है ,

ए जालिम फौजी बस तेरा ही तो इन्तजार है ,

बेदर्दी अब तो आ जाओ मेरे नैनो की प्यास बुझा जाओ ,

आँखों के रास्ते मेरे दिल में समां जाओ ,

आपकी आँखों में हमारे लिए क्या है

मेरे मुल्क के सरहद की निगेबान है आँखे

आओ एक निर्माण करे देश का नव निर्माण करे 

अरे धरती के मानव ,तू अब तक मानवता सीख  ना पाया 


श्यामल सुन्दर कोमल ,अल्हड सुरबाला 


हवा का एक चंचल झोखा 


जिस कोंख से तूने जन्म लिया 


एक बार नज़रो को थोडा झुका लो  


Sunday, 23 December 2012

उनसे जब मिली नज़र हमारी 


जिस रोज से देखा जलवा सुरबाला का ,


सागारमय कहू तुम्हें मै ,या छलकती अंगूरी हाला 


जब हुई  थी पहली मुलाक़ात उनसे 


oh lion my lion

oh lion my lion

oh lion my lion

roars in the night

sleep in the den in the day

sometimes in horizontal

often in vertical

always put tail between thighs

how the length from nose to end of the

tail can be measured

oh lion oh my encyclopedia

oh encyclopedia of army

the dictionary of CEA

OH LION OH MY LION

OH KING OF DOMESTIC LION

TO  MUCH TO SAY LION OF CIRCUS

please allow me to say something

why do say no to office

why do you stand 100 miles away

from green table

but why do not you say

no to alcohol

oh lion oh my lion

oh my bluff master

you are always in danger circle

your own position can be found out

by local details

oh lion my lion

oh my tragedy king dilip kumar

when will you take your retirement

dilip is taking his last breath

remember it      

भीगा तन हाला की वर्षा से 


अब तो बिदाई ले लो भगवान 


Saturday, 22 December 2012

हे माधवेन्द्र बतलाओ

 महासंग्राम विजयोपरांत 

आखिर मैंने क्या पाया 


आखिर क्यों दिल्ली बन गई है

 राजधानी बलात्कार की 

क्या आपने कभी सोचा है 


कल शिलांग टाप पर हो गई अचानक मुलाकाल उनसे 


दिल दिल का डर है भगाती हाला ,चूहे को भी शेर बनाती !

 

 दिल दिल का डर है भगाती हाला ,चूहे को भी शेर बनाती !

 501

जब  हाला है अन्दर जाती , 

सच को को ढूंढ़ के बाहर लाती !

सत्य जहाँ है बोला जाता ,

 वह तीर्थ स्थान है पावन मधुशाला !

502

लाख छुपाओ छुपाओं ,छुप नहीं नहीं पाता ,

 हाला से डरकर बाहर आता !

कीन्कांग भी शेर हो जाता  

जब हाला का पैग है अन्दर जाता !!

503

 दिल दिल का डर है भगाती हाला ,

 चूहे को भी शेर बनाती !

दो पैग जब अन्दर जाते , 

मच्छर सिह भी शेरसिह बनजाते !!

504

दिलों के दू: को हरलेती 

निश्चिंत बनाती सुमधुर हाला !

खुशियों में चार चाँद लगाती ,

दोस्त बनाती मधुशाला !!

505

सांझ ढले जब घर आता ,  

थकान मिटाती पावन हाला !

सांझ ढले जब  डगर पे  चलता , 

जा मिलती वह मधुशाला !!   

  


मेरे वतन की भव्य मनोरम मधुशालाये 


प्यार तुम्हे मै कर ती हू दिल से 


सागर मय से टप  टप टप टप  टपक रही है अंगूरी हाला 


मनोहर कृति मधुशाला 2 लाई हूँ





आधुनिक मधुशाला देखो तुम 


मधुशाला में आज खुशी का आलम है 


तुमसी पिलाने वाली सुरबाला 


तु म्हारे आने से रौशन है फिज़ा 


प्रियतम तुम गाओ कोई गीत नया 


मुड न जाय तेरी ये नाजुक कलाई 


नज़र ने नज़र को हौले से देखा अपनी नज़र से 


जिस कोख़ से तूने जन्म लिया उसी का मान घटाया 


Friday, 21 December 2012

जैसे सागर मय से छलकती अमृत सी अनुपम हाला 


नगर सेठ ने महल बनाई 

भव्य अनुपम मधुशाला

सुरबाला है लब से पिलाती 

अमृत सी अनुपम हाला 

साथ  में स्विस व्हिस्की भी लाओ 


नज़र ही नज़र में उनसे जब मिली नज़रे हमारी 


मेरी स्वप्न सुंदरी रमणीय सुरबाला ..


मै तुम्हे पुकारू दे दो हाला 


तेरा प्यार पाने को जी रहा हु मै 


मधु में समाप्त हुआ मकरंद 


मधुशाला में मेघ जो बरसे 


हाला की वर्षा से तन भीगा 


साकी बाला मस्त हो गई 

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव