Tuesday, 1 January 2013

तेरे हसीं लबों से छलकता जाम पि रहा हुं मै 


1 comment:

  1. तेरे हसीं लबों से छलकता जाम पि रहा हुं मै .tere kamasin labo se chhalakata maadak jaam pi raha hu mai.

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव