Tuesday, 1 January 2013

सरे आम चलते हुए देखा है मैंने ....................


3 comments:

  1. सरे आम चलते हुए देखा है मैंने ....................

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  2. सरे आम चलते हुए देखा है मैंने ....................

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  3. सरे आम चलते हुए देखा है मैंने ....................

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव