Friday, 11 January 2013

આખિર કયો નારી ઇઅની સતાઈ જતી હૈ 5


No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव