Tuesday, 28 April 2015

तुम्हारे लबो को लबो से छू लू ,जन्नत की सैर हो जाएगी !

तुम्हारे लबो को लबो से छू लू ,जन्नत की सैर हो जाएगी !

दिल की मुराद तुम पूरी कर दो ,चाहे मेरी जिंदगी ले लो !!

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तुमसे रौशन जहाँ है सारा ,तुम्ही से रौशन है मधुशाला !

कमर मेतुम्हारी सागर मय है ,कर में छलकता मय का प्याला !!

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव