जाने कयो एसा लग रहा है
आहिस्ता आहिस्ता मेरा दिल मचल रहा है।
यु लगता है चोरी चोरी मोहब्बत करना सीख गया है।
ये समझ नही आता आखिर कयो एसा होने लगा है।
जिस पल से मेरे यार हमने आपको देखा है।
दिल ही दिल मे दिल को आपसे मोहब्बत हो गई ।
जबसे आपसे मोहब्बत हुई है ये दुनिया खुबसूरत हो गई है।
दीवानगी के आलम मे महबुबे मोहब्बत से कहने लगा हू।
मै आप के दिल मे रहने लगा हू।
मेरे दिल ने ये इकरार किया है महबुबे मोहब्बत आपसे प्यार किया है।
तेरे इष्क मे धीरे धीरे दिल मचल रहा है।
शायद आपसे मोहब्बत करने का सलीखा पा गया है।
मेरे इस दिल को महबुबे मोहब्बत पे एतबार आ गया है।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 22 July 2015
जाने कयो ऐसा लग रहा है
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