Saturday, 25 July 2015

चाँदनी रात मे

तेरी बहुत याद मेरे सनम हमें रोज आती है चाँदनी,चाँदनी रात मे।
हरेक बेइन्तहा मोहब्बत का अहसास कराती है चाँदनी, चाँदनी रात मे।
कृतक अंजान के दिल की धडकन चाँदनी, चाँदनी रात मे।
मेहबुब संग मिलके नग्मे मोहब्बत के गाती है चाँदनी, चाँदनी रात मे।

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव