दोस्ती
इन्द्रधनुषी
जैसे भागीरथी
कुदरत सँवरती है
दोस्ती निखरती है
सात रंगों के मेल से
सफेद रंग बनता है
सजोया है
इसने जमाने
की रंगत को
और
निखार
हरेक
पल
यार
दिल से
आया है
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Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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