कान्हा को पाने के लिये श्री राधिका सरकार को मनाना है।
कान्हा की आत्मा श्री राधिका प्यारी है।
राधिकारमण दो जिस्म एक रूह नही।
फकत एक जिस्मो जान की गुढ यारी है।
इसीलिए श्री राधिका हमें जिस्मो जान से प्यारी है।
श्री राधिकारमण के चरणों मे लौ लगाये बैठी
कलयुगी दुनिया सारी की सारी है
हमारे दिल मे श्री राधिकारमण बस्ते है
आपको भी श्री राधिकारमण बहुत प्यारे है।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 29 July 2015
राधिकारमण
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खामोशियो की सागिर्दगी
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