शायरी करने कीएक बहुत खास वजह होती है।
गुरूरे मोहब्बत जन्नते हूर साथ होती है।
इबादते इश्क मे दिन यु ही गुजर जाता है
मेरे महबुब के पहलू मे मेरे यारो रात ढलती है।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Monday, 13 July 2015
शायरी करने कीएक बहुत खास वजह होती है। गुरूरे मोहब्बत जन्नते हूर साथ होती है। इबादते इश्क मे दिन यु ही गुजर जाता है मेरे महबुब के पहलू मे मेरे यारो रात ढलती है।
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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