चलो उपवन मे चलते है
खट्टे मीठे बेर लायेगे।
कभी ये बेर अपने काम आयेगे।
हम सब की झोपड़ी मे कभी तो मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम आयेगे।
मेरे बेरो को भगवान राम खायेगे।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 8 July 2015
चलो उपवन मे चलते है खट्टे मीठे बेर लायेगे। कभी ये बेर अपने काम आयेगे। हम सब की झोपड़ी मे कभी तो मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम आयेगे। मेरे बेरो को भगवान राम खायेगे।
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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