Saturday, 29 August 2015

हमें तुमसे मोहब्बत हो ग ई

हम तुमहे दिल से चाहने लगे है
रोज रात को तुम्हारे खाब आने लगे है
सपनों मे तेरा नाम लेके चिल्लाने लगे
सुब को सरेशाम बुलाने लगे है
गीत मोहब्बत के गाने लगे है
सपनों मे तुम्हे बुलाने लगे है

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव