Saturday, 29 August 2015

मोहब्बत नादाँ दिलों की कहानी

मोहब्बत नादाँ दिलों की कहानी है
दिलों का उन्माद है
फकत पागलपन है
सरासर बेईमानी है
मोहब्बत मे शहादत नयी नही
सदियों पुरानी है
अंजामे मोहब्बत फकत मौत है
सभी ने ये सच्चा ई जानी है
लैला मंजनु सिरी फरहाद
हीर राझणा से वाकिफ नही
हमारी नई जवानी है
मोहब्बत करने वालों की फकत यही कहानी है।

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव