Friday, 28 August 2015

वफा ए मोहब्बत

मैंने तुमसे अपनी मोहब्बत का इझहार किया
फकत तेरा दर्दे ए दिल सबब ए मोहब्बत
तुही मेरी रातों का नूर तुही सागर मय सनम
तुझसे मेरी नसों मे छाई खुमारी
मेरी जिन्दगी मे गमो का शाया
मेरी जिन्दगी मे बागो बहार
मेरी जिन्दगी की महक
मेरी जिन्दगी का मकसद
तेरी आँखो मे मै
मेरी आँखों मे तू
तू ही मेरी जिन्दगी तूही आरजु
तेरा मरमरी जिस्म उपवन है और है बसंतो बहार
तेरे ही जुल्फो से बादलों चे छाता खुमार
तेरा हुस्ने रब की अनमोल कारीगरी
तेरी हरेक अदा मे यार वफा है शुमार
तू मेरी मोहब्बत है जिन्दगी की तमन्ना
मेरे अल्फाज दिल की चाहत मेरे महबुब
मोहब्बत की हमने खाई जो कसमे
वफा है मेरे दिल मे तेरी मोहब्बत का सबब

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खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव