Saturday, 29 August 2015

शुभ दोपहरी

शुभ दोपहरी मे
शभ नाग पंचमी कहने का ख्याल दिल मे आया है
सदियों से आज तलक इस पुनित पावन अवसर पर हमने शिव प्रिय आभुषणो को दूध पिलाया
यह हमारी भारतीय संस्कृति एतिहासिक धरोहर की माया है
पृथ्वीराज चौहान ने 16 बार गोरी को माफ कर दूध पिलाया
सर्प का धर्म डसना फकत होता है यह एतिहासिक तथ्य सिद्ध हमने पाया
जिसको दिल से अपना समझकर पाला पोषा उसी ने डसा सर्वदा वही आस्तीन का सर्प घर का भेदी कहलाया।

हार्दिक शुभकामनाये नाग पंचमी
ॐॐॐॐ नमः शिवाय

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव