शुभ दोपहरी मे
शभ नाग पंचमी कहने का ख्याल दिल मे आया है
सदियों से आज तलक इस पुनित पावन अवसर पर हमने शिव प्रिय आभुषणो को दूध पिलाया
यह हमारी भारतीय संस्कृति एतिहासिक धरोहर की माया है
पृथ्वीराज चौहान ने 16 बार गोरी को माफ कर दूध पिलाया
सर्प का धर्म डसना फकत होता है यह एतिहासिक तथ्य सिद्ध हमने पाया
जिसको दिल से अपना समझकर पाला पोषा उसी ने डसा सर्वदा वही आस्तीन का सर्प घर का भेदी कहलाया।
हार्दिक शुभकामनाये नाग पंचमी
ॐॐॐॐ नमः शिवाय
No comments:
Post a Comment