शब ख्वाबगाह मे बरसी मोहब्बत और दिल को एतबार हो गया
बेकरार था दिल जिसकी चाहत मे वो मेरे आगोस मे थी और प्यार हो गया
मोहब्बत मे चाहत है चाहत ही मोहब्बत है
पाक परवरदिगार की अजीमो करीम नेमत है मोहब्बत
आज ख्वाबगाह मे मेरे महबुब को पाके ये दिल को एतबार हो गया।
बेकरार था दिल जिसकी चाहत मे वो मेरे आगोस मे थी और प्यार हो गया
मोहब्बत मे चाहत है चाहत ही मोहब्बत है
पाक परवरदिगार की अजीमो करीम नेमत है मोहब्बत
आज ख्वाबगाह मे मेरे महबुब को पाके ये दिल को एतबार हो गया।
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