अमृत सागर मे
छलकती अमृत
दिल को भायेगी
तनहाईयो मे
महबुबे मोहब्बत
की यार खूब
सतायेगी
उस वक्त
अमृत सागर
दिल
मेरे
सनम फकत
बहलायेगी
दिवानगी के
आलम मे
गुलाबी रूखसार
और और
मोहब्बते महबुब
सुर्ख हो
जायेगी
महबुबे मोहब्बत की याद दिल लुभायेगी
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
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