नजरों ही नजरों मे पैगामे मोहब्बत आया।
दिल ने महबुबे मोहब्बत पे फकत एतबार जताया ।
नूरे नजर से रौशन ये कायनात सारी है।
महबुबे मोहब्बत हमें जान से प्यारी है।
महबुबे मोहब्बत कुछ फिकमंद यार नजर आते है।
आइना ए दिल झलक एतबार की हुजूर पाते है।
फकत इष्क उन्हीं से है उन्हीं पे जाँ लुटाते है।
तनहाईयो मे उनके शाये से बा अदब बतियाते है।
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