कैसे तेरा अहसास सनम चुकाउँगा
गमो के सहरा से तुम्हे कैसे उबार पाउँगा
तेरी आँखो मे जो सपने है उनपे एतबार है
जो डगर तेरे दर पहँचे उससे मुझे प्यार है
सहराओ के जंजाल एक बस तुही यार है
बाकी बेकार है यार मेरे
जीना दुश्वार है सनम बिन तेरे
पल पल हरेक पल लगता पहाड है
दिल की हरेक धडकन मे बसी है यार तू
मेरे दिल की हरेक ख्वाहिश दिलदार तू
तेरी मोहब्बत फकत चाहत है चाँदनी
मेरा महबूब दिल मेरी जान है अरमान है
कैसे कटेगे दिन कैसे कटे्गी राते
पल पल हरेक पल याद आती है बीती बाते
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Tuesday, 10 November 2015
तेरा अहसान
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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