लो तुम्हारा चाँद भी निकल आया
कुछ फलाहार करो एतबार करो
जी भरके अपने महबूबे मोहब्बत
का दीदारे यार करो एतबार करो
पूरे साल जिस घडी का इन्तजार
बेकरारी से हमने मेरे यार किया
आज करवा चौथ का चाँद बदली
की गोद मे जा दुबका मेरे यार
अब तो आज तक पर ही होगा
मेरे यार चाँद का दीदार
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Saturday, 21 November 2015
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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