तेरी ईक " वाह " से सहराओ मे कमल खिलते है
दिल मे सोये हुये मोहब्बत भरे अरमान मचलते है
जर्रा जर्रा वादिये काश्मीर का सनम महकने लगता है
कायनात मचलती है फिजा हरेक पल रंग बदलती है
तेरी ईक " वाह " के दिल से कायल मेरी सरकार है हम
हा तुझसे मोहब्बत है तेरी मोहब्बत के दिल से वफादार है हम
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Sunday, 6 December 2015
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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