दिल से धडकन को दूर करने की साजिस कर रहे है
लम्हा लम्हा मेरी हरेक साँस थामने की चाहत है तुम्हारी
जो बसी है मेरे दिल की हरेक धडकन मे भला कैसे भुल जाऊ
मेरी महबूब मेरी मोहब्बत मेरी जाने तमन्ना धडकन मेरे दिल की
तेरी मोहब्बत मे अपने आप को यार भुला बैठा हू
कोई आहट भी होती है तो जुबाँ पे तेरा ही नाम आता है
हर घडी हरेक पल तेरे ही ख्यालो मे खोया रहता हू
तेरी मोहब्बत भरी यादो के शाये मे जिन्दगी बसर हो रही है
मोहब्बत मे इन्तहाये इन्तजार का दीदार कर रहा हू
बिन तेरे जिन्दगी खालिस अंतिम सफर यार महसूस होती है
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