गर एक बार इजाजत मिल जाये सहराओ मे कमल खिल जाये
पृियतम मै तुम्हारे मादक लबो को चूमना चाहता है
टप टप टपकती यौवनरस हाला पीके जनन्त का सा आनंद सनम आयेगा
सावन के सुहाने मौसम मे दिल गार्डन गार्डन सनम हो जायेगा
एसे मे कामदेव रति को छोड वसुन्धरा पे दौडा दौडा आयेगा
पावन महकती कायनात मे जनन्त से कही अधिक सुख धरा पे पायेगा
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Tuesday, 15 December 2015
गर इक बार
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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