माटी की महक ने दिल पे ऐसा जादू चलाया है
महकती हुई फिजा मे नजर आया यार का साया
बहुत लाजवाब और खुबसूरत मेरा यार होगा
जिस्म याद मे आँखो अश्क बहाये वही प्यार होगा
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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