Tuesday, 15 December 2015

नारी शक्ति

कवि नरेन्द्र सिंह 'मतवाला' भाई
महिलाये माँ बहन हमारी है
महिलाये आदि शक्ति का अवतार धरा पे सारी है
जननी है वह माँ कहलाती है
भार्या बन परिवार का बोझ उठाती है
बहन भाई को कर्त्व्य पथ सिखलाती है
बन चामुण्डा शक्ति रण मे विजय पताका लहराती
माता बनकर पुत्र खिलाती बृहम्चर्य का पाठ पढाती

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव