बहुत लाजवाब और खुबसूरत लिखती है आप
साक्छात सरस्वती लबो से बोलती पृतीत होती है
पठानकोट की सैनिक गाथा शब्दो मे छवि पृकट होती है
माँ के नाम संदेशा फिर पत्नि बहन बेटी बेटा का हाल बताती है
थमते नही अश्क आँखो से सैलाभे अश्क जगाती है
तुम्हारी अमृत सम अनुपम कृति पूनम दिल को सरेशाम जगाती है
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Friday, 5 February 2016
बहुत लाजवाब और खुबसूरत लिखती है आप
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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