Friday, 25 March 2016

सुन हसीना ओ नाँजनी तेरा साथ लगता है दिल को बहुत प्यारा

सुन हसीना ओ नाँजनी तेरा साथ लगता है दिल को खूब प्यारा
तेरी मोहब्बत तेरी चाहत बन चुकी है मुकद्दर मेरे यारा
हमारा मिलन कायनात और फिजा को भी गवारा
हम तुम तो एक रूह दो जिस्म है मेरे यारा

अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है
Please join amritsagar Friends
Follow the link below

https://m.facebook.com/amritsagarownsms/

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव