अपनै पंखो को फैला दो
पहली परवाज के लिये,
शत्रूओ के दिलों को दहला दो
एक नई आगाज के लिये,
चूम लो गगन को
एक नव एहसास के लिये,
सितारो से परे नव एहसास के लिये
अपनो पंख तो फैला
पंखो की ताकत तो परख
परवाज की कोशिश तो कर
अपनी शक्ति का अंदाजा तू पायेगा
अपनी ताकत से सारे जहाँ को हिलायेगा
सारे जमाने में परवाज से नाम कमायेगा
पंखो की ताकत तो परख
परवाज की कोशिश तो कर
अपनी शक्ति का अंदाजा तू पायेगा
अपनी ताकत से सारे जहाँ को हिलायेगा
सारे जमाने में परवाज से नाम कमायेगा
अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है
Please join amritsagar Friends
Follow the link below
https://m.facebook.com/amritsagarownsms/
पहली परवाज़
No comments:
Post a Comment