बेताब दिल की फरियाद को यु नजरअंदाज न कर
अपनी पहली मोहब्बत और दिली ख्वाहिश को बर्बाद न कर
बासंती फगुआ फरमाँ रही है धडी मिलन की करीब आ रही है
वाम अंगो के फडकने से महबूबे मोहब्बत की याद सता रही है
अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है
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