Friday, 25 March 2016

मेरी नवीनतम गजल हो तुम

मेरी नवीनतम गजल हो तुम
मेरा दिल में गुँजता मधुर गीत हो तुम
मेरी वाद्य यंत्र की सुमधुर स्वर लहरी
फागुन का फडकता गीत हो तुम

तेरे दिल में आशियाना है सनम हमारा
तूही जिन्दगी हमारी तेरा साथ लगता है प्यारा
तेरे बिन सूना सूना लगता है जहाँ उपवन ये नजारा
बिन तेरे सनम अब न होगा जिन्दगी का गुजारा

दिल में रहता हू दिल में बसाया है साथ तेरा लगता है प्यारा
जिन्दगी लिख दी नाम तेरे मलिकायें मोहब्बत मेरी यारा

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव