लगता है आप का साथ नही मुकद्दर मे हमारे
तुम क्या रूठी चाँदनी रूठ गयें ये सारे नजारे
क्या इस जनम में एक बार फिर से तुम्हारा साथ पायेंगें
इसी ख्वाहिश में जन्नत की सी हँसी दुनियाँ को यार ठुकरायेंगें
अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है
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