Thursday, 7 April 2016

कल रात ख्वाब में तुमसे मुलाकात हो गई लब खामोश खामोश जुबाँ नजरो ही नजरो दिल की बात हो गई

कल रात ख्वाब में तुमसे मुलाकात हो गई
लब खामोश खामोश जुबाँ नजरो ही नजरो दिल की बात हो गई

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव