Tuesday, 5 April 2016

तुम्हारी यादों मे आउँगा तुम्हारे ख्वाबगाह सजाउँगा

तुम्हारी यादों मे आउँगा तुम्हारे ख्वाबगाह सजाउँगा
बनके शैफाली की मादक महक तेरे जहन मे बस जाउँगा
बनके कुमकुम तुम्हारे माथे की शोभा पृियतम बढाउँ
तेरे पाँवो की पायल बनके फिजा स्वर लहरी से सजाउँ
बनके तेरे रूखसार की गुलाबी रंगत तेरा सिन्गार सजाउँ
बनके तेरे कानो की झुमकी बरेली के बजार मे गिर जाउँ
बनके तेरी पलको का कजरा आशियाना आँखो मे तेरी बनाउँ
बनके चमेली का महकता गजरा तेरे जुडे की शोभा बढाउँ
बनके तेरे लबों की लाउँ तेरे मादक लबो से लिपट जाउँ
बनके तेरी महकती सप्तरंगी इन्दृधनुषी चुमने दामन से लिपट जाउँ
बनके महकते केशरी रंग तेरे कमसिन नखो की शोभा बढाउँ
अपनी मोहब्बत की मादक महक से कायनात और फिजा महकाउँ
बनके शैफाली की महक तेरी रूह मे समाँ जाउँ
जितनी भुलानै की कोशिश करो उतना ही ज्यादा याद आउँ
बनके तेरी चुडियो की खनक फिजा और कायनात रंगी बनाउँ
बनके धडकन तेरी रूह और तेरे जिस्म मे मेरे महबूब समाँ जाउँ.
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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव