Thursday, 7 April 2016

तुम कभी ........ न थी हमारी..... तुम्हारी मोहब्बत.... मृग मरिचिका


तुम कभी ........ न थी हमारी..... तुम्हारी मोहब्बत.... मृग मरिचिका सहराओ में उपवन की ख्वाहिश... ज्यो सावन में भादों की बारिश... ऩीले अम्बर में बिजरी की धमाचौकडी.. ज्यो कृष्ण सुदामा सी यारी की ख्वाहिश... चाँदनी रात का गृहण... बसंत में आम के बोर की महक.. भोर में चिडियों की चहक. कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली तेरी मेरी यारी बे मौसम बरसात चकवा चकवी की सी मोहब्बत बिछुडना कुदरत की करवट बहुत शुकृिया टाइम पास गरीबी हमारी तेरी मोहब्बत जाँ से प्यारी राधिका कान्हा की सी यारी हमारी. अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है Please join amritsagar Friends Follow the link below https://m.facebook.com/amritsagarownsms/ Amrit Sagar अमृत सागर's photo.

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव