- बहुत देखा है ज़िन्दगी में समझदार बनकर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनकर ही मिली है।
- दो चार लफ्ज प्यार के लेके मैं क्या करू…”देनी है तो…” वफ़ा की मुकम्मल किताब दे “
- क्रोध आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नहीं लगती बल्कि शांत होकर चुप रहने में लगती है।
- ये तो अच्छा है कि ” दिल ” सिर्फ सुनता है … अगर कहीं बोलता होता तो ” क़यामत ” आ जाती।।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Saturday, 28 May 2016
बहुत देखा है ज़िन्दगी में समझदार बनकर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनकर ही मिली है।
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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