एक चेहरे में कई चेहरे नजर आने लगें
नकलीपन की इन्तेहा का दीदार तेरे दर मैने किया
लोग चेहरे को दिल की किताब कहते है
रब दी सौ हम आपके दिल में रहते हैं
हम आपके दिल में रहते हैं
चेहरे की पुस्तक में हरेक चेहरे का दीदार करते हैं
जो दिल में बसा है उससे मोहब्बत का इझहार करते है
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