Wednesday, 22 June 2016

मेरी मोहब्बत

मेरी मोहब्बत है तेरे नसीब में लेकिन तुझे कदर नही मेरे प्यार की
तेरी मेरी मोहब्बत में दीवार है अहं तेरा
तुने धज्जिया उडा दी मेरे प्यार और दिली एतबार की
यु लगता है तुझपे रहा नही अब इख्तियार मेरा
कोई किसी का एतबार है कोई मोहब्बत मेरे यार
बच्चो और माँ का रिश्ता सदियों पुराना है
ये बात अलग है तुमने नही पहचाना है
गीता ब्याहता है मेरी हक उसका मुझपे है यार
तन मन धन उसने अर्पण किया , तू तो दे सकी मोहब्बत एतबार
आज तलक तुझे यकीं नही मेरी मोहब्बत का ना ही तुझे मुझपे है दिली एतबार
तू महबूबे मोहब्बत है मेरा सब कुछ तेरी मोहब्बत मेरे यार
बट भरता नही पेट मोहब्बत से याद रख मेरे यार
मोहब्बत कभी बोझ नही होती रख यकीं दिली मेरे यार

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव