मेरी मोहब्बत है तेरे नसीब में लेकिन तुझे कदर नही मेरे प्यार की
तेरी मेरी मोहब्बत में दीवार है अहं तेरा
तुने धज्जिया उडा दी मेरे प्यार और दिली एतबार की
यु लगता है तुझपे रहा नही अब इख्तियार मेरा
कोई किसी का एतबार है कोई मोहब्बत मेरे यार
बच्चो और माँ का रिश्ता सदियों पुराना है
ये बात अलग है तुमने नही पहचाना है
गीता ब्याहता है मेरी हक उसका मुझपे है यार
तन मन धन उसने अर्पण किया , तू तो दे सकी मोहब्बत एतबार
आज तलक तुझे यकीं नही मेरी मोहब्बत का ना ही तुझे मुझपे है दिली एतबार
तू महबूबे मोहब्बत है मेरा सब कुछ तेरी मोहब्बत मेरे यार
बट भरता नही पेट मोहब्बत से याद रख मेरे यार
मोहब्बत कभी बोझ नही होती रख यकीं दिली मेरे यार
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 22 June 2016
मेरी मोहब्बत
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