अंजामे मोहब्बत से वाकिफ यार हूँ मै
दिल की अथाह गहराइयों से तलबगार हूँ
आशिक हूँ दीवाना हूँ तेरा नही कोई सौदाई
तूही बता मेरे हमदम इतने दिनो तुमको मेरी याद तर आई नही
दिल की अथाह गहराइयों से तलबगार हूँ
आशिक हूँ दीवाना हूँ तेरा नही कोई सौदाई
तूही बता मेरे हमदम इतने दिनो तुमको मेरी याद तर आई नही
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