Sunday, 10 July 2016

२०० - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



सुरबाला को अपनाया दिल से अमृत हाला को दिल में बसाया
बाला की सागरमय अमृत हाला पीकर यारो हमको जीना आया
हुई जिन्दगी बड़ी सुहानी जब से सागरमय अमृत  गले लगाया
मेरी मधुशाला के उपवन में आकर भाँति भाँति का अमृत पाया 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव