Saturday, 16 July 2016

२२५- मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



अति मन भावन पतित पावन अनुपम सागरमय मादक हाला
कोमल जिस्म कनक सम रूह बसी मेरी आधुनिक ई मधुशाला
मादक जिस्म के रोम रोम से सतत टप रही अमृतसम हाला
बाला के अनुपम लब  यु लगते जैसे कनक सम मादक प्याला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव