कुछ इस तरह से ईद मनाई मैने
आदमियत को सरेशाम गले लगाई मैने
सरेराह खुद को आजमाँ रहा हूँ
अपनों परायों सभी को गले लगा रहाँ हूँ
सारे गिले शिकवे भुला रहा हूँ
परवरदिगार की खिदमत में सर झुका रहा हूँ
अपने दिल को मना रहा हूँ
आदमियत का आईना दिखा रहा हूँ
अपने आप से शरमाँ रहा हूँ
खुद को खुदाई का बुत जो बताया अाज गश खा रहाँ हूँ
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