Friday, 15 July 2016

२२० - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



सभी यारों को पिलाना तुम प्याले पे प्याला मेरी मधुशाला
कोई प्याला रहे न रीता जो कोई आया दूर से पीने को हाला
रूपसी तुम्हारी इबादत मेरी मधुशाला में जो आया पीनेवाला
मेरी पसन्द तुम सब हो क्योंकि तुम्हारी पसंद मेरी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव