Saturday, 24 September 2016

मेरी मोहब्बत मेरी तमन्ना

पूनम की मादक चाँदनी
गजब दिल पे ढा रही
ख्वाहिशे ख्वाबगाह
हुस्न परी जन्नते हूर
चैनों अमन चुरा गई
हवा के झरोखे के साथ
नींद भी हवा हो गई
तुम्हारी आरजू में सनम
तनहाईयाँ भी खफा हो गई

इन्ता हुई इन्तजार की
मन में तेरी चाहत
जवाँ सनम हो गई
मोहब्बत की महक से
महकने लगी कायनात
आशियाना ए दिल
ठिकाना ए सनम
पलकों के शमियाने में
इन्तजार है तुम्हारा

मनोहर यादव
" अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव