Tuesday, 15 November 2016

जो दिल से अपने होते हैं

जो दिल से अपने होते हैं
दिल की धडकन वो होते हैं
आशियाना ए दिल में दिल में रहते हैं
ख्वाबगाह में नित सपने सजोते है
रक्त की लालिमा उनसे से होती हैं
जो दिल की धडकन बन दिल मे धडकते हैं
दिल की एक पुकार पर मोहब्बत की मादक महक बन हवा के वेग से नही मन के वेग से पलक झपकते आते है
साँसों की मानिंद महकते हैं रूह में समाते हैं
दिल के मार्फत रग रग में बसते हैं
जो दिल में रहते हैं दो जिस्म एक जा मोहब्बत यार होते हैं

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव