जमाने वालों का क्या कहना
गलत समझना उनकी रग में समाया है
हमारी क्या मजाल जो गलत समझने की हिमाकत करें
हमें तुम्हारा अहसास मादक पवन हर पल कराती है
महकती है फिजा तेरे दीदार से हँसी यार
गुँजती है कायनात जब करवट तुम बदलती हो
तेरे पलक झपकने से जिन्दगी की भोर होती है
तेरी पलक मुंदने से शशी अम्बर में यार आता है
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 16 November 2016
जमाने वालों का क्या कहना
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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