Friday, 2 December 2016

मै सोचता हू जब कभी

मै सोचता हू जब कभी

जब कभी मै ये सोचता हू
तुम भी पास बहुत करीब हो दिल के
दूर बहुत दूर नही यहीं कहीं
मेरा नसीब हो दिल की धडकन हो
मेरी मोहब्बत हो दिल की आस प्यास
बहुत लाजवाब है चाहत तुम्हारी
मै आज भी हैरान हू
तुम दूर नही दिल के करीब हो
चाँदनी जैसे चाँद की दूर रहकर भी करीब है
मोहब्बत के मानिंद महबूब का नसीब है चाँदनी
जैसे आँखो को होती है मोहब्बत दीदारे यार से
अपने आप सहेजकर रखे बेशुमार कीमती अश्को के प्यार से
चाँद को कसम है तुम्हारी मोहब्बत की चाँदनी
तुम्हारे दिल की धडकन है तुम्हारी मोहब्बत चाँद
मोहब्बत मे दिल ही दिमाग यार होता है दिल ही दिल मे दिल को एतबार होता है
दिमाग रेस्टिग जोन मे होता है दिल को धडकनो का फैसला स्वीकार होता है
महबूबे मोहब्बत के प्यार को दिल से स्वीकार करते है
तुम्हारी कसम तुम्हारी मोहब्बत पे दिली धडकनो से एतबार करते है
मोहब्बत नही इबादते हुस्न सार करते है
रब है मोहब्बत मोहब्बत ही रब समझ प्यार बेशुमार करते है

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खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव