बाबुल का आँगन
आज फिर सूना सा है
मोहब्बत की तडप में
दिल की धडकन डूबी सी है
जिस आँगन में मोहब्बत से
परवान हुई ममता बाबुल की
अँखिंयों के सैलाभे अश्क में
बाबुल का चौबारा भीगा है
आज फिर सूना सा है
मोहब्बत की तडप में
दिल की धडकन डूबी सी है
जिस आँगन में मोहब्बत से
परवान हुई ममता बाबुल की
अँखिंयों के सैलाभे अश्क में
बाबुल का चौबारा भीगा है
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